शेयर बाजार में बड़ी गिरावट का खतरा: अमित हारचेकर
इंडेक्स जीनियस इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स के टेक्निकल एनालिस्ट अमित हाचरेकर बाजार में मौजूदा स्तर से एक तीखी गिरावट आने की आशंका जता रहे हैं. उनका मानना है कि निफ्टी और सेंसेक्स मौजूदा स्तर से 20 फीसदी तक टूट सकते हैं. पढ़िए इंडिया टुडे से एक्सक्लुसिव बातचीत के प्रमुख अंश
प्रतीकात्मक तस्वीर — डेमो साइट
शुक्रवार के सत्र में गिरावट के साथ खुलने के बाद भारतीय शेयर बाजार में निचले स्तर से सुधार देखने को मिला. हालांकि निफ्टी का साप्ताहिक बंद स्तर 10000 के नीचे ही है. 9950 – 10000 का स्तर निफ्टी के लिए एक अहम दायरा है. बाजार विशेषज्ञ मानते हैं जब तक निफ्टी 10200 के स्तर को ऊपर नहीं टिकटा बाजार में किसी स्थायी तेजी की उम्मीद नहीं है.
शेयर बाजार की तेजी पर ब्रेक लग सकता है. बाजार में मौजूदा स्तर से एक बार फिर बिकवाली देखने को मिल सकती है. निफ्टी को 10200 - 10500 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है. निफ्टी और सेंसेक्स मौजूदा स्तर से 20 फीसदी तक टूट सकते हैं.
रुपए में कमजोरी बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण बन सकती है. दुनियाभर की मुद्राओँ में तेजी देखने को मिली है. इसका असर रुपए पर देखने को मिल सकता है. डॉलर के मुकाबले रुपया 79-80 तक के स्तर फिर दिखा सकता है. यह बाजार में गिरावट का एक कारण बन सकता है.
बैंकिंग और फाइनेंनशियल शेयरों में गिरावट का सबसे ज्यादा खतरा है. बैंक इंडेक्स में 30 से 40 फीसदी तक की गिरावट भी आ सकती है. बाजार में बड़ी संख्या में शॉर्ट पोजीशन बनी हुई हैं. ऐसे में किसी एक खराब खबर का भी बाजार पर गहरा असर पड़ेगा.
ग्लोबल मार्केट की तेजी के लिहाज से देखें तो निफ्टी को इस समय 11000 के स्तर पर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं है. ग्लोबल मार्केट में तेजी की वजह से ही भारतीय बाजार में खरीदारी देखने को मिल रही है, जबकि घरेलू अर्थव्यवस्था में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला है. कोरोना वायरस का दूसरा चरण शुरू होने की चिंता के बीच ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट देखने को मिल रही है. ऐसे में भारतीय बाजार में भी तेजी कितनी टिकाऊ होगी इस पर गहरा संशय है.