बोर्ड एग्जाम में बस बचे हैं 45 दिन... ऐसे बनाएं टॉप करने की रणनीति
नए साल तो आ गया है, लेकिन अब बोर्ड परीक्षाएं भी आने वाली है, जिसकी तैयारी करना भी बहुत जरूरी है. आपको परीक्षा के लिए इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है.
प्रतीकात्मक तस्वीर — डेमो साइट
साल 2019 का आगाज हो चुका है. आपने नए साल का जश्न भी मना लिया है, लेकिन अब बारी है आपकी अग्नि परीक्षा की यानी बोर्ड परीक्षाओं की. बोर्ड परीक्षाओं के लिए अब ज्यादा वक्त बचा नहीं है, इसलिए आपको परीक्षा की तैयारी में जुटना होगा. इस बार सभी बोर्ड की परीक्षाएं जल्दी हो रही है, चाहे वो सीबीएसई हो या कोई स्टेट बोर्ड. अधिकतर बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी के आस-पास शुरू हो रही हैं, यानी आपके पास तैयारी के लिए 45 दिन बाकी है.
इन 45 दिन की तैयारी ही आपके करियर की सीढ़ियां बनेंगी और आगे की राह आसान होगी. परीक्षा में कम समय बचे होने की वजह से आपको परीक्षा की तैयारी भी खास तरीके से करनी होगी और एक खास रणनीति बनाकर एग्जाम तैयारी में जुटना पड़ेगा. आज हम आपको बता रहे हैं आप कैसे परीक्षा की तैयारी करें, जिससे कि आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकें.
परीक्षा की असली तैयारी करने से पहले सबसे पहले अपने सेलेबस की पढ़ाई कर लें. उस सेलेबस की पढ़ाई में यह पता करें कि आपको क्या-क्या पढ़ना है, आपने क्या क्या पढ़ लिया है, आपको किन विषयों और टॉपिक्स में दिक्कत ज्यादा है और आप किन फील्ड में ज्यादा अंक हासिल कर सकते हैं. उसके बाद अपनी असली पढ़ाई शुरू करें. उसके बाद जिन टॉपिक्स में आपको ज्यादा दिक्कत लगती है, उनकी तैयारी करें और उनकी विस्तार से पढ़ाई करें.
सेलेबस बनाने के बाद हर विषय और टॉपिक की विस्तार से पढ़ाई करें और नोट्स बनाते जाएं. इस दौरान आप पढ़ाई के साथ ये ध्यान रखें कि उसको लिख भी लें. ऐसा करने से आपकी दोगुनी तैयारी होगी. साथ ही परीक्षा के पास जब रिविजन करेंगे तो आपको नोट्स का सहारा मिलेगा.
टाइम मैनेजमेंट ही लक्ष्य हासिल करने का सबसे अच्छा सहारा है. ऐसे ही परीक्षा में भी आप टाइम मैनेजमेंट के जरिए अच्छे अंक हासिल कर सकते है. इसके लिए पहले सभी विषय को समय के आधार पर बांट लें. आप यह विभाजन हर रोज के घंटों या हफ्ते के दिनों के आधार पर बांट सकते हैं. जिस विषय में आपकी पकड़ कमजोर है, उसे ज्यादा से ज्यादा समय दें. जो टॉपिक हमें आते हैं, उनको हम अक्सर दोहराने के लिए पूरा समय नहीं देते.
किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए उससे संबंधित विषय वस्तु का होना बहुत अहम होता है. अगर उससे संबंधित आपके पास सामग्री नहीं है तो आप इसे जुटा लें. आप किताबें खरीद सकते हैं या फिर किसी सीनियर से कुछ दिन के लिए मांग सकते हैं.
प्रेक्टिस सफलता की एक ऐसी कुंजी है, जिसके माध्यम से आप बड़े से बड़ा काम कर सकते हैं. बोर्ड परीक्षा में यह प्रैक्टिस मॉडल पेपर, सैंपल पेपर, रिविजन करना ही है. इससे आपको पता चलता रहेगा कि आपको कितना याद हो रहा है और आपकी कितनी तैयारी हो चुकी है.
सबसे जरूरी बात ये है कि अगर आपको लग रहा है कि परीक्षा में अभी एक महीना बचा है और अभी बाद में पढ़ाई शुरू करेंगे... तो ऐसा नहीं है. अभी से ही पढ़ाई शुरू कर दें.
जब कभी भी पढ़ाई करें तो पढ़ाई के साथ मौज-मस्ती भी करते रहें. ताकि आपको पढ़ाई बोर ना लगने लगे. इसके लिए आप गाने, वीडियो, टीवी, फिल्म, गेम आदि का सहारा ले सकते हैं.