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| नई दिल्ली
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फैक्ट चेक: महाराष्ट्र में बैलेट पेपर से चुनाव की खबर में नहीं है कोई सच्चाई

ईवीएम से नहीं होगा महाराष्ट्र चुनाव? जनता ने लिया बड़ा फैसला, बीजेपी के फूले हाथ-पैर टाइटल के साथ वायरल हो रहा यह वीडियो फेसबुक पर भी शेयर किया जा रहा है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर — डेमो साइट

लंबे समय से विपक्ष और कई एक्टिविस्ट बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग करते आए हैं. ऐसे में एक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र चुनाव में मतदान ईवीएम से नहीं होगा. 'ईवीएम से नहीं होगा महाराष्ट्र चुनाव? जनता ने लिया बड़ा फैसला, बीजेपी के फूले हाथ-पैर' टाइटल के साथ वायरल हो रहा यह ' ने इस वीडियो को 30 सितंबर को अपलोड किया था. खबर लिखे जाने तक इस वीडियो को पचास हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके थे.

करीब 11.45 मिनट लंबे इस वीडियो में एक व्यक्ति प्रेस कॉन्फ्रेंस करता दिख रहा है. शुरुआत में वह कामगारों की बेरोजगारी के मुद्दे पर बात करता है, वहीं वीडियो में आगे जाकर वह महाराष्ट्र में बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग करता है. पूरे वीडियो में कहीं ऐसा नहीं कहा गया है कि महाराष्ट्र चुनाव के लिए मतदान बैलेट पेपर से ही होगा.

पड़ताल में हमने पाया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति महाराष्ट्र की 'भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति' का राष्ट्रीय अध्यक्ष रबिन्द्र द्विवेदी है. समिति ने 30 सितंबर को आमरण उपोषण (अनशन) का आयोजन किया था. यह वीडियो उसी दिन का है.

वीडियो में पीछे खड़े व्यक्ति के गले में आइडी कार्ड पर भी 'आमरण उपोषण' लिखा नजर आता है. उस समय समिति ने महाराष्ट्र में बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग की थी.

चुनाव से पहले मतदाताओं को जागरूक करने के लिए महाराष्ट्र का चीफ इलेक्टोरल ऑफिस पिछले कुछ दिनों से ट्वीट कर रहा है जिसमें साफ तौर पर लिखा जा रहा है, 'अब आप मतदान के समय भी अपना मत डबल चेक कर सकते हैं. क्योंकि अब ईवीएम के साथ है वीवीपैट'. इससे भी पुष्टि होती है कि महाराष्ट्र चुनाव में ईवीएम से ही मतदान करवाया जाएगा. परीक्षाओं में हम उत्तरपत्रिका दो बार चेक करते है, उसी तरह आप मतदान करते समय भी अपना मत डबल चेक कर सकते है। चुनाव आयोग या फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी महाराष्ट्र चुनाव बैलेट पेपर से करवाने के कोई निर्देश नहीं दिए हैं.

लोकसभा चुनाव से पहले भी सुप्रीम कोर्ट में मतदान बैलेट पेपर के जरिए करवाए जाने के लिए जनहित याचिका लगाई गई थी. यह याचिका एडवोकेट ए सुब्बा राव ने लगाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था. कई प्रतिष्ठित ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.

कुछ दिनों पहले भी ऐसा ही एक यूट्यूब वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों में बैलेट पेपर से चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं. ' पड़ताल में साफ हुआ कि वायरल हो रहा वीडियो का शीर्षक भ्रामक है. चुनाव आयोग ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है. ----------------------------------------

यह लेख figshare Hindi news corpus (CC BY 4.0) से लिया गया डेमो कंटेंट है।